अनानास Pineapple के फायदे स्वास्थ्य के लिए जानेंगे तो जरूर खाएंगे

अनानास न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है जो आपके स्वास्थ्य को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. पाइनएप्पल में मौजूद फ्लेवेनाइड्स और फेनोलिक एसिड ऐसे एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो सेल्स को फ्री रेडिकल्स से डैमेज होने से बचाते हैं। वर्कआउट के बाद मसल्स में होने वाले दर्द को पाइनएप्पल कम करता है। ये मसल्स को तेजी से रिकवर होने में मदद करता है। पाचन में मदद से लेकर इम्युनिटी को बढ़ावा देने तक, अनानास गर्मियों के सबसे बड़े खाद्य पदार्थों में से एक है.
पपीता विटामिन A का समृद्ध स्रोत माना जाता है। पपीते में विटामिन A काफी मात्रा में होता है और विटामिन C भी मौजूद होता है। वहीं पपीते में अधिकांश मात्रा में पानी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट पदार्थ, क्षार तत्व, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, शर्करा आदि पाया जाता है। प्राकृतिक तौर पर इसमें फाइबर, कैरोटिन और मिनरल्स पाए भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। पपीता में विटामिन A, विटामिन B, फाइबर, पोटाशियम, एनर्जी जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं। जिसके कारण आयुर्वेद में पपीते के पत्ते, बीज, जड़ और फल सबका रोगों के उपचार के तौर पर प्रयोग किया जाता है।
लाल चुकंदर या बीटरूट का वैज्ञानिक नाम बीटा वल्गेरिस है और यह एक जड़ वाली सब्जी है। इससे हमारे शरीर को बहुत सारे फायदे मिलते हैं चुकंदर (बीटरूट) ऐसे कई एक्टिव कंपाउंड से भरपूर है जिनसे हमारी सेहत को बहुत सारे फायदे मिलते हैं। बहुत सारे न्यूट्रिशनल फायदों के कारण चुकंदर (बीटरूट) का सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। चुकंदर का प्रयोग अक्सर सलाद और जूस के रूप में किया जाता है। हालांकि कई लोगों को इसका स्वाद पसंद नहीं आता, लेकिन चुकंदर खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। रोजाना चुकंदर का जूस पीने से न केवल रक्तचाप में सुधार हो सकता है बल्कि आंखों, रक्तचाप, पेट की चर्बी आदि को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
क्रैनबेरी में ज़्यादातर कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं, जिनमें लगभग 90% पानी होता है। इनमें विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के और मैंगनीज जैसे विटामिन और खनिज भी होते हैं। लेकिन ताजा क्रैनबेरी खट्टी होती है और इसे शायद ही कभी कच्चा खाया जाता है। क्रैनबेरी को ज़्यादातर जूस के रूप में ही देखेंगे.
विटामिन C से भरपूर लौकी का जूस प्रतिरक्षा / इम्यूनिटी बूस्टर की तरह काम करता है. जूस के नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इससे बीमारियों से बचने में मदद मिल सकती है. कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह जूस जादू की तरह काम करता है। लौकी में बायोएक्टिव सैपोनिन और टेरपेनोइड्स की मात्रा ज्यादा होती है डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है. लौकी पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है, जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं. लौकी का रस और इसके बीजों का काढ़ा पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज में उपयोगी साबित हो सकता है.